48अने जत्‌यार जाळ भराय जी, ता काहर्‌या तीनी जाळ ने धेड़े हापकी लाया, अने बहीन वारु-वारु तां ठाहरा मे भेळा कर्‌या अने बगड़ला-बगड़ला माछला ने नाख देय।