Select a Verse

यरुशलेम की शान्ति खात्तर प्रार्थना

दाऊद की यात्रा का गीत

1जिब माणसां नै मेरे तै कह्या, “आओ हम यहोवा के घर नै चाल्‍लां”

फेर मै घणाए खुश होया।

2हे यरुशलेम, तेरे फाटकां कै भित्तर,

हम खड़े होगे सां।

3हे यरुशलेम, तू इस तरियां के नगर कै बराबर बण्या सै,

जिसके घर एक-दुसरे तै मिले होए सै।

4ओड़ै यहोवा के गोत्र-गोत्र के माणस यहोवा के नाम का धन्यवाद करण नै जावै सै;

या इस्राएल खात्तर गवाई सै।

5ओड़ै तो न्याय के सिंहासन,

दाऊद के कुण्बे खात्तर धरे होए सै।

6यरुशलेम की शान्ति का वरदान माँग्गो,

तेरे प्रेमी सही-सलामत रहवै।

7तेरे नगर की चारदीवारी कै भित्तर शान्ति,

अर तेरे महल्‍लां म्ह सलामती होवै!

8अपणे भाईयाँ अर साथियाँ कै कारण,

मै कहूँगा के थारे म्ह शान्ति होवै!

9अपणे परमेसवर यहोवा के घर कै कारण,

मै तेरी भलाई नै टोहऊँगा।