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यूसुफ दवारा सपनन के मतलब गुठेथै

1हइ बातन के बाद असना होथै, कि मिस्र देस के राजा फिरोन के दुइठे हरवाह कुछ अपराध करे रथै, हइ हरवाहन मसे अक्ठी रोटी पकामै बाले अउ दूसर मोहरस के रस्सा दे बाले के उप्पर गुस्साय रथै। 2तब फिरोन राजा अपन उन दुइठे सुपाही, मतलब मोहरस के रस्सा के साहब, अउ रोटी पकामै बाले के साहब के उप्पर गुस्सा हुइस 3इहैनिता फिरोन राजा उन दोनो के जेल हे डलवाय देथै, जिहां यूसुफ जेल हे रथै। 4तब सुपाही दुनो कैदी के यूसुफ के नजर हे रखथै, दोनो कुछ टेम तक जेल हे रहिन। 5अक रोज मिस्र देस के राजा के मोहरस अउ रोटी पकामै बाले मनसे सपना देखथै, हर सपना के अपन अक्ठी खास मतलब रथै। 6जब यूसुफ सुबेन्ने उनखर लिघ्घो आइस अउ ऊ उनके देखथै, तब ऊ उदास रथै। 7ऊ फिरोन के साहब लग जउन ओखर संग ओखर मालिक के घर हे जेल हे रथै, पूंछथै, “आज तोर मुंह काखे उतरे हर हबै?” 8उन यूसुफ लग कथै, हम सपना देखे हवन, पय इहां उनखर मतलब बतामै बाले कउ नेहको हबै। यूसुफ कथै, का हइ सही हबै कि सपना के मतलब बतामै के केबल भगवान के काम है? किरपा करके मोके सुनाबा। 9इहैनिता मोहरस दे बाले हरवाह यूसुफ के अपन सपना गुठेइस, हरवाह कथै, “मै सपना हे अंगूर कर बेल देखेव। 10ऊ अंगूर के बेल के तीनठे डगाइल रथै, मै डगाइल हे फडुहा आउत अउ उनके अंगूर बनत देखेव। 11मै फिरोन के खोरिया मोर हाथ हे रथै, इहैनिता मै अंगूर के लयों अउ खोरिया हे रस निचोडा, तब मै खोरिया के फिरोन के दयों। 12तब यूसुफ कथै, मै तोके सपना के मतलब समझइहों, तीन डगाइल के मतलब तीन रोज हबै। 13तीन रोज बीतै के बाद पहिले फिरोन राजा तोके माफ करही अउ तोके तोर काम हे लउटै देही, तै फिरोन के निता उहै काम करहे जउन पहिले करत रहस। 14पय जब तै छुटहे इहां लग ता मोके सुरता रखबे, मोर मदत करबे, फिरोन लग मोर बारे हे कहबे, जेखर मै हइ जेल लग बाहिर हुइ सको। 15मोके अपन घर लग लाय गय रथो, जउन मोर अपन मनसे इबरानी के देस हबै, मै कउनो गलती नेहको करे यहों, इहैनिता मोके जेल हे नेहको होमै चाही।” 16रोटी बनामै बाले देखिस कि दूसर हरवाह के सपना निक्खा रथै, इहैनिता रोटी बनामै बाले यूसुफ लग कथै, “मै सपना देखो, मै देखो कि मोर मूंड हे तीन चरका रोटिन के टोपरी हबै। 17सब लग उप्पर के टोपरी हे फिरोन कर निता हर मेर के पके हर भोजन रथै, हइ भोजन राजा के निता रथै, पय हइ भोजन के चिरइया खथै।” 18यूसुफ जबाब देथै, “मै तोके गुठेहुं कि सपना कर मतलब काहिन हबै? तीन टोपरी के मतलब तीन रोज हबै। 19तीन रोज बितै के पहिले फिरोन राजा तोके हइ जेल लग बाहिर निकाडही, तब राजा तोर मूंड के काटही, ऊ तोर देह के अक्ठी खंम्भा हे लटकाही अउ चिरइया तोर देह के खाही।” 20तीन रोज के बाद फिरोन कर जनम दिन रथै, फिरोन अपन सगलू हरवाहन के खाय के निता बुलाथै, खाय के टेम हे फिरोन मोहरस दे बाले अउ रोटी बनामै बाले हरवाह के जेल लग बाहिर आमै दइस। 21फिरोन मोहरस दे बाले हरवाह के आजाद कर दइस, फिरोन उके काम हे रख लेथै, अउ मोहरस दे बाले हरवाह फिरोन के हाथ हे अक्ठी मोहरस कर रस खोरिया हे दइस। 22पय फिरोन राजा रोटी बनामै बाले के मार डारिस, सगलू बात जसना यूसुफ गुठेय रहै ओसनेन हुइस। 23पय मोहरस कर रस दे बाले हरवाह यूसुफ के सुरता नेहको करथै, उके बिसर गइस।