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  1. LUK.S1 लूका का मकसद
  2. LUK.S2 जकर्याह और एलीशिबा
  3. LUK.S3 सुर्गदूत्तां के जरिये यूहन्‍ना के जन्म की भविष्यवाणी
  4. LUK.S4 यीशु के जन्म की घोषणा
  5. LUK.S5 मरियम का एलीशिबा तै फेटण जाणा
  6. LUK.S6 मरियम के जरिये जै-जै कार
  7. LUK.S7 यूहन्‍ना बपतिस्मा देण आळे का जन्म
  8. LUK.S8 जकर्याह की भविष्यवाणी
  9. LUK.S9 बैतलहम म्ह यीशु का जन्म
  10. LUK.S10 सुर्गदूत्तां के जरिये चरवाहां ताहीं संदेश
  11. LUK.S11 चरवाहों का बैतलहम जाणा
  12. LUK.S12 यीशु का खतना अर नामकरण
  13. LUK.S13 मन्दर म्ह यीशु का अर्पण
  14. LUK.S14 शमौन की भविष्यवाणी
  15. LUK.S15 हन्‍नाह की गवाही
  16. LUK.S16 यूसुफ अर मरियम का नासरत म्ह बोहड़ आणा
  17. LUK.S17 बाळक यीशु मन्दर म्ह
  18. LUK.S18 यूहन्‍ना बपतिस्मा देणआळे का संदेश
  19. LUK.S19 हेरोदेस का यूहन्‍ना ताहीं जेळ म्ह डालणा
  20. LUK.S20 यीशु का बपतिस्मा
  21. LUK.S21 यीशु की वंशावली
  22. LUK.S22 यीशु की परीक्षा
  23. LUK.S23 यीशु के सेवा के काम की शरुआत
  24. LUK.S24 नासरत म्ह यीशु का अनादर
  25. LUK.S25 एक माणस ताहीं ठीक करणा जिस म्ह ओपरी आत्मा थी
  26. LUK.S26 पतरस की सास अर दुसरे लोग्गां ताहीं ठीक करणा
  27. LUK.S27 गलील के आराधनालयाँ म्ह प्रचार करणा
  28. LUK.S28 प्रथम चेल्‍ला का बुलाया जाणा
  29. LUK.S29 कोढ़ तै रोग्गी ताहीं ठीक करणा
  30. LUK.S30 लकवे के रोग्गी ताहीं ठीक करणा
  31. LUK.S31 मत्ती का बुलाया जाणा
  32. LUK.S32 पापियाँ के साथ खाणा
  33. LUK.S33 उपवास खात्तर यीशु की राय
  34. LUK.S34 उपवास का प्रश्न
  35. LUK.S35 यीशु आराम का प्रभु
  36. LUK.S36 सूक्खे हाथ आळे रोग्गी ताहीं ठीक करणा
  37. LUK.S37 बारहा प्रेरितां की नियुक्ति
  38. LUK.S38 यीशु का शिक्षा देणा अर ठीक करणा
  39. LUK.S39 आशीष के वचन
  40. LUK.S40 शोक के वचन
  41. LUK.S41 बैरियाँ तै प्यार करणा
  42. LUK.S42 दोष ना लाओ
  43. LUK.S43 जिसा दरखत उसा फळ
  44. LUK.S44 घर बणाण आळे दो माणस
  45. LUK.S45 एक सूबेदार के बिश्वास पै यीशु का अचम्भित होणा
  46. LUK.S46 बिधवा के बेट्टे ताहीं जीवन-दान
  47. LUK.S47 यूहन्‍ना बपतिस्मा देणआळे का प्रश्न
  48. LUK.S48 फरीसी कै घरां पापण बिरबान्‍नी ताहीं माफी
  49. LUK.S49 यीशु की शिक्षां
  50. LUK.S50 बीज बोण आळे का उदाहरण
  51. LUK.S51 उदाहरणां का मकसद
  52. LUK.S52 बीज बोण आळे उदाहरण का मतलब
  53. LUK.S53 दीवै का उदाहरण
  54. LUK.S54 यीशु के माँ अर भाई
  55. LUK.S55 आँधी ताहीं शान्त करणा
  56. LUK.S56 एक माणस ताहीं ठीक करणा जिस म्ह ओपरी आत्मा थी
  57. LUK.S57 याईर की मरी होई बेट्टी अर रोग्गी बिरबान्‍नी
  58. LUK.S58 बारहा प्रेरितां का भेज्या जाणा
  59. LUK.S59 हेरोदेस की उळझन
  60. LUK.S60 पाँच हजार माणसां ताहीं खुवाणा
  61. LUK.S61 पतरस का यीशु ताहीं मसीह स्वीकार करणा
  62. LUK.S62 अपणी मौत कै बारै म्ह यीशु की भविष्यवाणी
  63. LUK.S63 यीशु कै पाच्छै चाल्‍लण का मतलब
  64. LUK.S64 मूसा अर एलिय्याह कै साथ यीशु
  65. LUK.S65 एक बाळक ताहीं ठीक करणा जिस म्ह ओपरी आत्मा थी
  66. LUK.S66 अपणी मौत का बारै म्ह यीशु की दुबारा भविष्यवाणी
  67. LUK.S67 सारया तै बड्ड़ा कौण
  68. LUK.S68 जो बिरोध म्ह न्ही, वो मेरै पक्ष म्ह सै
  69. LUK.S69 सामरियाँ के जरिये यीशु का बिरोध
  70. LUK.S70 यीशु का चेल्‍ला बणण का मूल्य
  71. LUK.S71 सत्तर चेल्यां का भेज्या जाणा
  72. LUK.S72 अबिश्वासी नगरां नै धिक्‍कार
  73. LUK.S73 सत्तर चेल्यां का लौटना
  74. LUK.S74 यीशु का आनन्दित होणा
  75. LUK.S75 दयालु सामरी का उदाहरण
  76. LUK.S76 मार्था अर मरियम के घर यीशु
  77. LUK.S77 चेल्यां ताहीं प्रार्थना करणा सिखाणा
  78. LUK.S78 प्रार्थना के सम्बन्ध म्ह यीशु की शिक्षा
  79. LUK.S79 यीशु अर शैतान
  80. LUK.S80 अधूरे सुधार तै बिप्दा
  81. LUK.S81 धन्य कौण सै?
  82. LUK.S82 सुर्गीय निशान की माँग
  83. LUK.S83 देह का दीवा
  84. LUK.S84 शास्त्रियाँ अर फरीसियाँ ताहीं फटकार
  85. LUK.S85 पाखण्ड कै बिरुध्द चेतावनी
  86. LUK.S86 किसतै डरां?
  87. LUK.S87 यीशु ताहीं स्वीकार या अस्वीकार करणा
  88. LUK.S88 एक साहूकार बेअक्ले का उदाहरण
  89. LUK.S89 परमेसवर पै भरोस्सा राक्खो
  90. LUK.S90 सुर्गीय धन
  91. LUK.S91 सदा जागदे रहो
  92. LUK.S92 बिश्वास जोग्गा या अबिश्वास जोग्गा दास
  93. LUK.S93 यीशु कै आण का नतिज्जा
  94. LUK.S94 समय के लक्षण
  95. LUK.S95 अपणे बैरी तै समझौता
  96. LUK.S96 मन फिराओ या नाश हो
  97. LUK.S97 बिना फळ आळे अंजीर के दरखत का उदाहरण
  98. LUK.S98 आराम कै दिन कुबड़ी बिरबान्‍नी ताहीं ठीक करणा
  99. LUK.S99 राई के दाणै का उदाहरण
  100. LUK.S100 खमीर का उदाहरण
  101. LUK.S101 सकेत द्वार
  102. LUK.S102 हेरोदेस की दुश्मनी
  103. LUK.S103 यरुशलेम कै खात्तर बिलाप
  104. LUK.S104 फरीसी कै घरां यीशु
  105. LUK.S105 नम्रता अर मेहमान-नवाजी
  106. LUK.S106 प्रतिफळ
  107. LUK.S107 बड़े भोज का उदाहरण
  108. LUK.S108 कौण यीशु का चेल्‍ला बण सकै सै?
  109. LUK.S109 बेसुवाद नूण
  110. LUK.S110 खोई होड़ भेड़ का उदाहरण
  111. LUK.S111 खोए होए सिक्‍के का उदाहरण
  112. LUK.S112 उड़ाऊ बेट्टे का उदाहरण
  113. LUK.S113 उड़ाऊ पुत्र का बोहड़ आणा
  114. LUK.S114 जेठ्ठे बेट्टे की शिकायत
  115. LUK.S115 चलाक भण्डारी
  116. LUK.S116 यीशु के कुछ उपदेश
  117. LUK.S117 साहूकार माणस अर गरीब लाजर
  118. LUK.S118 ठोक्‍कर का कारण बणणा
  119. LUK.S119 बिश्वास
  120. LUK.S120 एक दास का कर्तव्य
  121. LUK.S121 कोढ़ के दस रोगियाँ ताहीं ठीक करणा
  122. LUK.S122 परमेसवर के राज्य का आगमन
  123. LUK.S123 अधर्मी न्यायाधीश अर बिधवा का उदाहरण
  124. LUK.S124 फरीसी अर चुंगी लेण आळे का उदाहरण
  125. LUK.S125 बाळकां ताहीं आशीर्वाद
  126. LUK.S126 साहूकार माणस अर अनन्त जीवन
  127. LUK.S127 अपणी मौत कै बारै म्ह यीशु की तीसरी भविष्यवाणी
  128. LUK.S128 आन्धे भिखारी का उदाहरण
  129. LUK.S129 चुंगी लेण आळा जक्‍कई
  130. LUK.S130 दस मुहरां का उदाहरण
  131. LUK.S131 यरुशलेम म्ह विजय-प्रवेश
  132. LUK.S132 यरुशलेम कै खात्तर बिलाप
  133. LUK.S133 मन्दर तै व्यापारियाँ का काढ्या जाणा
  134. LUK.S134 यीशु के अधिकार का प्रश्न
  135. LUK.S135 दुष्ट किसानां का उदाहरण
  136. LUK.S136 शास्त्रियाँ अर प्रधान याजकां की चाल
  137. LUK.S137 मरे होया म्ह तै जिन्दा हो जाणा अर ब्याह
  138. LUK.S138 मसीह किसका बेट्टा सै?
  139. LUK.S139 शास्त्रियाँ तै सावधान
  140. LUK.S140 कंगाल बिधवा का दान
  141. LUK.S141 मन्दर कै विनाश की भविष्यवाणी
  142. LUK.S142 संकट अर क्ळेश
  143. LUK.S143 यरुशलेम के विनाश की भविष्यवाणी
  144. LUK.S144 माणस के बेट्टे का पुनरागमन
  145. LUK.S145 परमेसवर का राज्य लोवै सै
  146. LUK.S146 जागदे रहो
  147. LUK.S147 यीशु कै खिलाफ साजिस
  148. LUK.S148 यहूदा इस्करियोती का बिश्वासघात
  149. LUK.S149 चेल्यां कै गेल्या फसह का आखरी भोज
  150. LUK.S150 प्रभु का आखरी भोज
  151. LUK.S151 वाद-विवाद बड्ड़ा कौण?
  152. LUK.S152 पतरस के इन्कार की भविष्यवाणी
  153. LUK.S153 दुख सहण खात्तर तैयार रहो
  154. LUK.S154 जैतून के पहाड़ पै यीशु की प्रार्थना
  155. LUK.S155 यीशु का धोक्खे तै पकड्या जाणा
  156. LUK.S156 पतरस का इन्कार
  157. LUK.S157 यीशु का अपमान
  158. LUK.S158 महासभा कै स्याम्ही यीशु
  159. LUK.S159 राज्यपाल पिलातुस के यीशु तै प्रश्न
  160. LUK.S160 हेरोदेस कै स्याम्ही यीशु
  161. LUK.S161 पिलातुस द्वारा यीशु ताहीं मौत की सजा
  162. LUK.S162 यीशु का क्रूस पै चढ़ाया जाणा
  163. LUK.S163 मन फिराण आळा भुण्डे काम करणीया
  164. LUK.S164 यीशु का प्राण त्यागणा
  165. LUK.S165 यीशु का गाड्या जाणा
  166. LUK.S166 यीशु का मरे होया म्ह तै जिन्दा हो जाणा
  167. LUK.S167 इम्माऊस के राह पर चेल्यां ताहीं दर्शन
  168. LUK.S168 यीशु का चेल्यां ताहीं दिखणा
  169. LUK.S169 यीशु का स्वर्गारोहण